पूरी रिसर्च रिपोर्ट पढ़ें
क्रिएटिव और AI स्किल कैसे स्टूडेंट भर्ती को तेज़ करते हैं, करियर आत्मविश्वास को मज़बूत करते हैं, और दुनियाभर के कैंपसों में परिणामों को बदलते हैं, इसके नतीजों को एक्सप्लोर करें।
नए सेशन की शुरुआत के साथ ही, हायर एजुकेशन के लीडर्स के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा है: उनके कॉलेज कैंपस यह कैसे पक्का करें कि स्टूडेंट्स सिर्फ़ डिग्री लेकर पास न हों, बल्कि तेज़ी से बदलती हुई जॉब मार्केट और वर्कफ़ोर्स के लिए पूरी तरह तैयार भी हों?
यह प्रैशर असली है। AI हर इंडस्ट्री में नौकरी की भूमिकाओं को नया आकार दे रहा है। कंपनियाँ सिर्फ़ आपकी मार्कशीट या डिग्री नहीं देख रहीं, बल्कि उन्हें ऐसे लोग चाहिए जो समय के साथ खुद को ढाल सकें और नई-नई समस्याओं को क्रिएटिव तरीके से हल कर सकें। ऐसे लोग जो AI और डिज़ाइन टूल्स की मदद से अपने आइडियाज़ को एकदम साफ़ और दमदार तरीके से सबके सामने रख सकें।
इस साल की शुरुआत में, Adobe की एजुकेशन में क्रिएटिविटी और AI रिपोर्ट ने दिखाया कि टीचर्स क्रिएटिविटी और AI की जानकारी को भविष्य के लिए ज़रूरी स्किल के रूप में देखते हैं।
एडेलमैन के साथ मिलकर किया गया Adobe का यह नया रिसर्च, तीन हिस्सों वाली सीरीज़ की पहली रिपोर्ट है। इसमें यह देखा गया है कि क्रिएटिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का स्टूडेंट्स के करियर, उनकी पढ़ाई और कॉलेज लाइफ़ पर क्या असर पड़ रहा है। यह रिपोर्ट दुनिया भर के 3,000 से ज़्यादा स्टूडेंट्स और नौकरी की शुरुआत करने वाले पूर्व छात्रों से मिली जानकारियों पर तैयार की गई है।
पहली रिपोर्ट करियर से जुड़े नतीजों पर बात करती है। इससे पता चलता है कि जो कॉलेज इस मामले में सबसे आगे हैं, उनमें एक बात कॉमन है: वे अपने सभी स्टूडेंट्स को बड़े लेवल पर क्रिएटिविटी और AI स्किल्स सिखाने में काफी निवेश करते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण Adobe क्रिएटिव कैंपस में देखने को मिलता है। ये वो कॉलेज और यूनिवर्सिटी हैं जहाँ हर स्टूडेंट को बिना किसी भेदभाव के Adobe टूल्स इस्तेमाल करने का मौका मिलता है और वहाँ की पढ़ाई में इन टूल्स को खास तौर पर शामिल किया जाता है।
अब स्टूडेंट्स और कंपनियां दोनों ही "आपने कौन सी पढ़ाई की है?" के बजाय "आप असल में क्या काम कर सकते हैं?" पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं। इसी जगह पर Adobe Express, Adobe Creative Cloud, और Adobe Firefly सहित Adobe टूल्स एक बड़ा और साफ़ बदलाव ला रहे हैं। इन टूल्स का इस्तेमाल करने वाले कॉलेज स्टूडेंट्स सिर्फ टेक स्किल्स ही नहीं सीख रहे हैं, बल्कि वे ऐसी ज़रूरी और फ्यूचर-रेडी स्किल्स भी हासिल कर रहे हैं, जिनकी आज मार्केट में वैल्यू है।
“मुझे लगता है कि कंपनियाँ एक्सपीरियंस को बहुत ज़्यादा अहमियत देती हैं। आज के जॉब मार्केट में सिर्फ़ एक डिग्री होना काफी नहीं है। वे यह देखना चाहती हैं कि आप जो भी काम कर रहे हैं, उसे लेकर आप खुद कितने कॉन्फ़िडेंट हैं।”
हमज़ा
UK डिज़ाइन मेजर
कुछ नया करने वाले कॉलेज इससे भी एक कदम आगे जा रहे हैं। Adobe क्रिएटिव कैंपस प्रोग्राम के तहत, कई चुनिंदा कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ अपने यहाँ हर डिपार्टमेंट और हर सब्जेक्ट के स्टूडेंट्स को Adobe टूल्स इस्तेमाल करने की पूरी आज़ादी दे रहे हैं। इसके जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वे वाकई हैरान कर देने वाले हैं:
ये नतीजे सिर्फ़ डिज़ाइन या मीडिया की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स तक सीमित नहीं हैं। Adobe क्रिएटिव कैंपस में, जीव विज्ञान, समाजशास्त्र, बिज़नेस, और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों के स्टूडेंट्स क्रिएटिव असाइनमेंट्स के ज़रिए प्रैक्टिकल कम्युनिकेशन स्किल्स सीख रहे हैं। इसके लिए वे इन्फ़ोग्राफ़िक्स, AI की मदद से तैयार पिच डेक और इंटरैक्टिव पोर्टफ़ोलियो जैसी चीज़ें बना रहे हैं।
इस रिपोर्ट के नतीजों पर चर्चा करने के लिए हुए एक हालिया वेबिनार में, एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी की Adobe क्रिएटिव कैंपस इनोवेटर मेगन वर्कमैन लार्सन ने अपनी बात शेयर की:
“हर सीखने वाले और सभी विषयों के हर स्टूडेंट्स को उस क्रिएटिव और तकनीकी निपुणता को सीखने का अवसर मिलना चाहिए जो भविष्य के काम-काज का आधार है। हम शिक्षा की ऐसी रणनीतियों को विकसित और शेयर करते हैं जो सभी विषयों में क्रिएटिविटी और AI की समझ को बढ़ावा देती हैं।”
मेगन वर्कमैन लार्सन
एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी में लर्निंग एक्सपीरियंस डिज़ाइन की डायरेक्टर
रिसर्च में बार-बार यह बात साबित हुई है कि जो स्टूडेंट Adobe का इस्तेमाल करते हैं, वे अपने क्रिएटिव काम को बेहतरीन जॉब-रेडी मटेरियल्स में बदलने में आगे रहते हैं। Adobe टूल्स स्टूडेंट्स को सिर्फ़ बातों से नहीं, बल्कि आकर्षक, विज़ुअल और प्रभावशाली पोर्टफ़ोलियो और एप्लिकेशन्स के ज़रिए अपना कॉन्फिडेंस पेश करने की ताकत देते हैं।
असल में, Adobe टूल्स का इस्तेमाल करने वाले 93 प्रतिशत शुरुआती करियर प्रोफ़ेशनल्स ने जॉब इंटरव्यू में उनकी चर्चा की और 81 प्रतिशत मौजूदा स्टूडेंट्स इंटर्नशिप और जॉब के लिए इंटरव्यू के दौरान ऐसा करने का इरादा रखते हैं। वह अनुभव और वे मैटेरियल्स न सिर्फ़ प्रभावशाली हैं, बल्कि प्रभावी भी हैं।
जिन स्टूडेंट्स ने Adobe स्किल और मटेरियल डेवलप किए हैं, वे अपने साथियों की तुलना में तेज़ी से नौकरी पा रहे हैं। क्रिएटिव कैंपस के ग्रैजुएट्स को फ़ुल-टाइन रोज़गार 15 प्रतिशत तक जल्दी मिलता है और यह सभी सब्जेक्ट्स में देखा गया है।
“नौकरी मिलने में लगने वाले समय को कम करके, Adobe क्रिएटिव कैंपस यह साबित रहे हैं कि क्रिएटिव होना सिर्फ़ पढ़ाई-लिखाई में ही काम नहीं आता, बल्कि करियर की एक शानदार शुरुआत करने में आपको दूसरों से आगे रखने का एक बहुत बड़ा जरिया भी है।”
मैथ्यू कनिंघम
SVP, एडेलमैन
यह रिपोर्ट सिर्फ़ स्टूडेंट्स की काबिलियत को ही नहीं दर्शाती, बल्कि यह भी बताती है कि तेज़ी से बदलते इस दौर में इंस्टीट्यूशंस को अपनी प्रासंगिकता और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। क्रिएटिव सोच, AI की समझ और दमदार कम्यूनिकेशन जैसे स्किल्स अब सिर्फ़ एक विकल्प नहीं हैं। ये वे ज़रूरी खूबियाँ बन चुके हैं जो स्टूडेंट्स की कामयाबी और इंस्टूट्यूशन की प्रतिष्ठा दोनों को तय करती हैं।
जैसे-जैसे अलग-अलग इंडस्ट्री के नियोक्ता मानदंड बढ़ा रहे हैं, हायर एजुकेशन को भी ऐसा ही करना चाहिए। वैंडी फ़िच, H&R ब्लॉक में क्रिएटिव हेड ने उसी वेबिनार में शेयर किया:
“हम सिर्फ़ रोज़मर्रा के काम करने वाले कौशलों को देखकर हायरिंग नहीं कर रहे हैं . . . बल्कि हम यह देख रहे हैं कि कोई कितनी जल्दी बदलावों को अपनाता है, उसमें सीखने की कितनी जिज्ञासा है, और वो क्रिएटिविटी और AI का इस्तेमाल करने में कितना माहिर है . . . इसलिए, मेरी नज़र में बाज़ी मारने वाले उम्मीदवार वे हैं जो AI को एक क्रिएटिव पार्टनर की तरह साथ लेकर काम कर सकते हैं।”
वैंडी फ़िच
H&R ब्लॉक में क्रिएटिव हेड
क्रिएटिव और AI स्किल कैसे स्टूडेंट भर्ती को तेज़ करते हैं, करियर आत्मविश्वास को मज़बूत करते हैं, और दुनियाभर के कैंपसों में परिणामों को बदलते हैं, इसके नतीजों को एक्सप्लोर करें।
देखें कि कैसे विभिन्न विषयों की यूनिवर्सिटूज़ क्रिएटवि, डिजिटल दक्षता, और AI तत्परता को बढ़ाकर हर स्टूडेंट को भविष्य के कार्यक्षेत्र में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान कर रहे हैं।