फ़ोटोग्राफ़ी
28 तरह की फ़ोटोग्राफ़ी स्टाइल्स।
पोर्ट्रेचर से लेकर फ़ोटोजर्नलिज़म और प्रॉडक्ट फ़ोटोग्राफ़ी तक, कई तरह की स्टाइल्स अपनाई जा सकती हैं। किसी एक स्टाइल पर ध्यान लगाने से पहले अपने ऑप्शन्स के बारे में जानें।
आपके लिए किस तरह की फ़ोटोग्राफ़ी सबसे सही है?
चाहे आपकी दिलचस्पी लोगों में हो, जानवरों में, कुदरत में, खानपान में, फ़ैशन में, या किसी और चीज़ में, हर चीज़ के इर्दगिर्द फ़ोटोग्राफ़ी की कोई न कोई स्टाइल चलन में मौजूद है। इस धरती की एक-एक चीज़ की फ़ोटोग्राफ़ी की जा सकती है। और उसके लिए ऑप्शन्स इतने ज़्यादा हैं कि उनमें से चुनना बहुत मुश्किल हो सकता है। शौक के तौर पर फ़ोटोग्राफ़ी करने वाले लोग हों या प्रोफ़ेशनल फ़ोटोग्राफ़र्स, सभी के लिए उपलब्ध स्टाइल्स की इस लिस्ट की मदद लें और अपना रास्ता खोजें।
कुदरती दुनिया को फ़ोटोग्राफ़ करें।
अगर आपकी दिलचस्पी पौधों, जानवरों, या खुली जगहों में है, तो इस तरह की फ़ोटोग्राफ़ी आपके लिए सही हो सकती है।
नेचर फ़ोटोग्राफ़ी: शानदार आउटडोर्स और वाइल्डलाइफ़ फ़ोटोग्राफ़ी के लिए सुझाव पाएँ। मौसम का हाल और लाइटिंग आपके हाथ में नहीं होते। इसलिए आपको पहाड़ों की फ़ोटोज़ लेनी हों, पेड़ों की, या हिरनों की, ज़रूरी है कि आप अपनी प्लानिंग पहले से ही कर लें और सही साज़-सामान लेकर आएँ।
लैंडस्केप फ़ोटोग्राफ़ी: खूबसूरत नज़ारों, घने जंगलों, या बड़े-बड़े रेगिस्तानों को कैप्चर करते समय टाइमिंग, लाइटिंग, व टेक्नीक से जुड़ी मुश्किलों के बारे में और जानें। लैंडस्केप फ़ोटोग्राफ़र्स से ट्राईपॉड की ज़रूरत के बारे में समझें और जानें कि कौन से लेंसेज़ और शटर स्पीड्स बेहतरीन होते हैं।
ऐस्ट्रोफ़ोटोग्राफ़ी: जो लोग अक्सर रात के आसमान में खो जाते हैं, उन्हें ऐस्ट्रोफ़ोटोग्राफ़ी की स्टाइल एक्सप्लोर करनी चाहिए। यह लॉन्ग एक्स्पोज़र फ़ोटोग्राफ़ी) की ही एक किस्म है। ट्राईपॉड्स और बेहद लंबी शटर स्पीड्स की मदद से शानदार स्टारस्केप्स, टाइम-लैप्स इमेजेज़, और लाइट पेंटिंग्स कैप्चर किए जा सकते हैं। इनसे पता चलता है कि धरती के घूमने के साथ-साथ आसमान में तारे कैसे घूमते हैं।
स्टॉर्म फ़ोटोग्राफ़ी: अगर हमारे ट्रोपोस्फ़ियर के आसमान में आपकी दिलचस्पी है, तो मौसम की पढ़ाई करें और लाइटिंग व स्टॉर्म फ़ोटोग्राफ़ी का इस्तेमाल करके लाजवाब फ़ोटोज़ लें। मौसम को शूट करते समय सही गियर का होना और सेफ़्टी का ख्याल रखना ज़रूरी होता है। अगर सब्र रखते हुए प्रैक्टिस की जाए और टाइमिंग को सुधार लिया जाए, तो आपके लिए आगे चलकर शानदार तस्वीरें लेना मुमकिन होगा।
पेट फ़ोटोग्राफ़ी: जानवरों के साथ करीबी बढ़ाएँ और लोगों के पेट्स की फ़ोटोज़ लें। जानवरों की फ़ोटोग्राफ़ी करने की अपनी अलग मुश्किलें होती हैं, लेकिन अगर थोड़ी तैयारी की जाए और शूट के दौरान बदलते हालात के हिसाब से काम करने का हुनर आ जाए, तो बेहतरीन शॉट्स लिए जा सकते हैं। साथ ही, डार्क फ़र वाले कुत्तों और बिल्लियों वाली फ़ोटोज़ की रंगत उभारने के लिए कुछ पोस्ट-प्रॉसेसिंग टेक्नीक्स सीखें।
मैक्रो फ़ोटोग्राफ़ी: छोटे-छोटे कीड़े हों, छोटी चिड़ियाँ, या फल-फूल के बेहद करीब वाले क्लोज़-अप्स, मैक्रो फ़ोटोज़ में छोटी चीज़ें दिखने में बहुत बड़ी लगने लगती हैं। इन फ़ोटोज़ को कैप्चर करने के लिए एक मैक्रो लेंस की ज़रूरत पड़ सकती है, और फ़ोकस का प्लेन बहुत सँकरा होता है जिससे वर्कस्पेस के लिए एक जगह पर टिक पाना ज़रूरी हो जाता है। लेकिन इस काम में माहिर ही चुके लोगों के सुझावों पर अमल करके एक नन्ही दुनिया में कदम रखना मुमकिन हो सकता है।
फ़्लावर फ़ोटोग्राफ़ी: जिन लोगों की दिलचस्पी जानवरों से ज़्यादा पेड़-पौधों की दुनिया में है, उनके लिए फ़ोटोग्राफ़ी की एक स्टाइल के रूप में फ़्लावर फ़ोटोग्राफ़ी को एक्सप्लोर करना शानदार हो सकता है। पेड़-पौधों से जुड़े सब्जेक्ट्स जानवरों की तरह इधर-उधर भागने-दौड़ने वाली हरकतें नहीं करते, इसलिए शुरुआत कर रहे लोग इनकी फ़ोटोग्राफ़ी करके शैलो डेप्थ ऑफ़ फ़ील्ड, लाइटिंग, एक्स्पोज़र, व अन्य चीज़ों के बारे में सीख सकते हैं।
सिटीस्केप्स और स्ट्रक्चर्स कैप्चर करें।
मैन-मेड स्ट्रक्चर्स की फ़ोटोग्राफ़ी आपको आर्टिस्टिक कामों के लिए करनी है या कमर्शियल, उसके हिसाब से इमारतों को बेहतरीन दिखाने के लिए सुझाव अलग-अलग हो सकते हैं।
आर्किटेक्चर फ़ोटोग्राफ़ी: गगनचुंबी इमारतों के शॉट्स हों या गॉथिक गारग्वायल्स के, आर्किटेक्चरल फ़ोटोग्राफ़ी का मतलब है इमारतों के शानदार वांटेज प्वाइंट्स दर्शना और उनकी दिलचस्प खूबियाँ सामने लेकर आना। एक वाइड-ऐंगल लेंस और कुदरती रोशनी में शूट करने की जानकारी होने से मदद मिलेगी।
रियल एस्टेट फ़ोटोग्राफ़ी: बिल्डिंग फ़ोटोग्राफ़ी के कमर्शियल पहलू पर बात की जाए, तो रियल एस्टेट फ़ोटोग्राफ़ी से होम फ़ोटोज़ कैप्चर करने की फ़ील्ड में करियर बनाने का मौका मिल सकता है। रियल एस्टेट फ़ोटोग्राफ़ी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए सबसे ज़रूरी बातों को जानने में गियर व लाइटिंग से जुड़े टेक्निकल ऑप्शन्स पर सुझाव आपके लिए मददगार हो सकते हैं।
ड्रोन फ़ोटोग्राफ़ी: कुदरती चीज़ों की फ़ोटोज़ ऊपर से ली जा सकती हैं, लेकिन इमारतों, सड़कों, और पुलों के फ़ोटोग्राफ़्स के लिए ड्रोन्स एक बिलकुल अलग नज़रिया सामने लेकर आते हैं। तस्वीरें खींचते समय ड्रोन्स चलाने में आने वाली मुश्किलों के बारे में जानें और ड्रोन्स का इस्तेमाल करके बेहतरीन इमेजेज़ लेने से जुड़े सुझाव पाएँ।
हवाई फ़ोटोग्राफ़ी: हवाई फ़ोटोग्राफ़ी में ड्रोन सहित ऊँचाई से ली गई किसी भी फ़ोटो को शामिल किया जाता है। चाहे आपको किसी हेलीकॉप्टर से फ़ोटोग्राफ़ी करने का मन हो या किसी गगनचुंबी इमारत के ऊपर से, ऊँचाई से शूट करने के बारे में सारी जानकारी पाएँ।
लोगों की फ़ोटोज़ लें।
फ़ैशन फ़ोटोग्राफ़ी हो या पर्सनल पोर्ट्रेट्स हों, अगर आपको लोगों की फ़ोटोज़ लेनी हैं, तो फ़ोटोग्राफ़ी की ये किस्में बेहतरीन होंगी।
पोर्ट्रेट फ़ोटोग्राफ़ी: पोर्ट्रेट फ़ोटोग्राफ़र्स को अपने कैमरे पर महारत हासिल होनी चाहिए और ज़रूरी है कि वे अपने सब्जेक्ट्स को सहज महसूस करा पाएँ। अच्छी पोर्ट्रेट किसी की अच्छी पिक्चर ही नहीं होती, ये उनकी कहानी का एक हिस्सा भी होती है। अपने सब्जेक्ट्स के लिए पोर्ट्रेट लाइटिंग के बारे में और उनके सिटिंग और हैंड पोज़ेज़ के बारे में और जानकारी पाएँ।
हेडशॉट फ़ोटोग्राफ़ी: यह पोर्ट्रेट फ़ोटोग्राफ़ी का ही और ज़्यादा कमर्शियल रूप है। हेडशॉट्स प्रोफ़ेशनल फ़ोटोज़ होते हैं। इन्हें रेज़्यूमेज़, वेबसाइट्स, और सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जानें कि हेडशॉट्स पोर्ट्रेट्स से अलग कैसे होते हैं और किसी सब्जेक्ट का शानदार शॉट कैसे लें जिसे बिज़नेस से जुड़ी ज़रूरतों में इस्तेमाल किया जा सके।
फ़ैशन फ़ोटोग्राफ़ी: स्टाइलिश फ़ोटोशूट्स बनाने के लिए मॉडल्स के साथ काम करें। आपका मकसद रनअवे फ़ोटोग्राफ़ी हो, कैटलॉग, या एडिटोरियल शॉट्स, शानदार शॉट्स लेते हुए ही क्लाइंट की बात सुनना और मॉडल्स को गाइडेंस देना ज़रूरी होता है।
स्पोर्ट्स फ़ोटोग्राफ़ी: हालाँकि लाइव स्पोर्ट्स को डॉक्युमेंट करना फ़ोटोजर्नलिज़म का ही हिस्सा होता है, लेकिन और ज़्यादा कमर्शियल स्पोर्ट्स फ़ोटोग्राफ़ी में सामान्य तौर पर एथलीट्स के द्वारा पहने जाने वाले कपड़े और प्रॉडक्टस दर्शाए जा सकते हैं। आपको चाहे किसी भी तरह की स्पोर्ट्स फ़ोटोज़ लेनी हों, तेज़ रफ़्तार पर लोगों के साथ मिलजुलकर काम करने की काबिलियत होना ज़रूरी है।
डॉक्यूमेंट्री फ़ोटोग्राफ़ी: यह स्टाइल फ़ोटोजर्नलिस्ट बनने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए या कुदरत में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए अच्छी है। इसका इस्तेमाल करके कम्युनिटी इवेंट्स शूट करें और लोगों की ज़िंदगियों के अन्य अहम पहलुओं को सामने लाएँ। क्यूरेटेड फ़ोटोशूट में फ़ोटोग्राफ़र्स किसी मॉडल या उसके आस-पास के माहौल को बदल सकते हैं और एडजस्ट कर सकते हैं। इसके उलट, डॉक्युमेंट्री फ़ोटोग्राफ़ी का मकसद सच्चाई को कैप्चर करना और फ़ोटोज़ के ज़रिए एक सच्ची कहानी बताना है।
लाइफ़स्टाइल फ़ोटोज़ लें।
बड़े मौके हों या रोज़ाना की जिंदगी के छोटे-छोटे लम्हे, कैंडिड फ़ोटोग्राफ़ी की इन स्टाइल्स का इस्तेमाल करके अपने आसपास की चीज़ों और लोगों के स्नैपशॉट्स लें।
स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी: फ़ोटोग्राफ़ी की दुनिया में शुरुआत कर रहे लोगों के लिए यह सबसे सही स्टाइल है। इस तरह की लाइफ़स्टाइल फ़ोटोग्राफ़ी में ज़िंदगी को एक खास माहौल में कैमरे में कैद किया जाता है। चाहे कोई भीड़-भाड़ वाला बाज़ार हो या किसी पास के पार्क का सीन, अगर आसपास की चीज़ों पर निगाह रखते हुए आपके लिए चुस्ती और फुरती से काम करना मुमकिन है, तो आपके लिए दिलचस्प स्ट्रीट फ़ोटोग्राफ़ी करना मुमकिन होगा।
वेडिंग फ़ोटोग्राफ़ी: किसी जोड़े की ज़िंदगी के सबसे बड़े दिन की इवेंट फ़ोटोग्राफ़ी करना एक बड़ी ज़िम्मेदारी है। लेकिन सही इक्विपमेंट, प्रैक्टिस, और तैयारी के साथ, आपको शादी की शानदार फ़ोटोज़ मिल सकती हैं। शादी का दिन लंबा और व्यस्त होता है। उस दौरान वेडिंग फ़ोटोग्राफ़र्स के काम आने वाली टेक्निकल और एनवायरमेंटल बारीकियाँ सीखें।
कमर्शियल फ़ोटोग्राफ़ी स्किल्स सीखें।
अगर आपको फ़ोटोग्राफ़ी के शौक को कमाई का ज़रिया बनाने का मन है, तो इस तरह की फ़ोटोग्राफ़ी आपके काम की हो सकती है।
फ़ूड फ़ोटोग्राफ़ी: अगर आप खानपान की ऐसी फ़ोटोज़ ले सकें कि उन्हें देखते ही मुँह में पानी आ जाए, तो आपको रेस्टोरेंट ऐड्स बनाने, मेन्यू फ़ोटोज़ बनाने, और हॉस्पिटालिटी वेबसाइट्स के लिए इमेजेज़ बनाने का काम मिल सकता है। अगर आपको सोशल मीडिया पर ज़ायकेदार शॉट्स डालने हैं, उसके लिए भी यह हुनर काफ़ी मददगार है। फ़ूड फ़ोटोग्राफ़र्स अपने काम को स्टॉक फ़ोटोग्राफ़ी के तौर पर भी अपनी फ़ोटोज़ को इस्तेमाल किए जाने के राइट्स दे सकते हैं। खानपान की अच्छी फ़ोटोज़ लेने के लिए कुछ काम की बातें सीखें।
प्रॉडक्ट फ़ोटोग्राफ़ी: जूते हों, कैम्पिंग इक्विपमेंट्स, या मेकअप के सामान, प्रॉडक्ट फ़ोटोग्राफ़र्स का काम होता है अलग-अलग ब्रैंड्स की बिलकुल साफ़-सुथरी और लोगों का ध्यान खींचने वाली फ़ोटोज़ लेना। प्रॉडक्ट्स के शॉट्स को स्टाइल और एडिट करने के लिए कुछ काम की बातें एक्सप्लोर करें।
आर्टिस्टिक शॉट्स बनाएँ।
फ़ोटोग्राफ़िक आर्ट के इन अलग-अलग एक्सप्लोरेशन्स के ज़रिए दिलचस्प इमेजेज़ तैयार करने के नए तरीके खोजें।
स्टिल लाइफ़ फ़ोटोग्राफ़ी: स्टिल लाइफ़ पेंटिंग की तरह ही, स्टिल लाइफ़ फ़ोटोग्राफ़ी में भी एक जगह पर पड़े रहने वाले ऑब्जेक्ट्स को एक खास तरह से अरेंज करके फ़ोटोज़ ली जाती हैं। इसमें फलों की टोकरी से लेकर मैकेनिक के औज़ारों तक, ढेर सारी चीज़ें आती हैं। स्टिल लाइफ़ फ़ोटोज़ के लिए ज़रूरी हुनर होने पर फ़ूड और प्रॉडक्ट फ़ोटोग्राफ़ी में भी करियर बनाने में मदद मिल सकती है।
ब्लैक-एंड-वाइट फ़ोटोग्राफ़ी: बेहतरीन आर्टिस्टिक आउटपुट के लिए यह फ़ोटोग्राफ़ी शानदार हो सकती है, लेकिन कलर के डिस्ट्रैक्शन के बिना फ़ोटो कम्पोज़िशन की बुनियादी बातें सीखने के लिए यह एक मददगार प्रैक्टिस होगी।
फ़ाइन आर्ट फ़ोटोग्राफ़ी: स्टिल लाइफ़ फ़ोटोज़ हों, लैंडस्केप्स, या यहाँ तक कि पोर्ट्रेट्स, इस तरह के फ़ोटोग्राफ़्स में फ़ोटोग्राफ़र तय करता है कि उसे चीज़ें किस तरह से पेश करनी हैं। इन फ़ोटोज़ को फ़ाइन आर्ट की कैटेगरी में इसलिए रखा जाता है, क्योंकि इसमें सब्जेक्ट्स और शॉट्स को बस आर्टिस्टिक ज़रूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
डबल एक्सपोज़र फ़ोटोग्राफ़ी: एक समय डबल एक्सपोज़र का काम मैन्युअल ढंग से किया जाता था, लेकिन अब डिजिटल एडिटिंग सॉफ़्टवेयर्स के चलते यह टेक्नीक ढेर सारे लोगों की पहुँच में आ गई है। इसमें दो इमेजेज़ को एक के ऊपर एक रखकर एक नई इमेज बनाई जाती है। टेक्नीक सीखें, फिर नए तरह की डबल-एक्सपोज़ की गई फ़ोटोज़ आज़माने और बनाने के लिए अपने आइडिया पर अमल करें।
सरीयल फ़ोटोग्राफ़ी: अगर आपको भौंचक्का कर देने वाली इमेजेज़ चाहिए, तो सरीयल फ़ोटोग्राफ़ी आपके लिए एक शानदार स्टाइल होगी। सरीयलिज़म में आसानी से पहचान में आने वाली इमेजेज़ को सपनों जैसे अंदाज़ में बिलकुल अलग तरह से पेश किया जाता है। अगर आपको मौजूदा फ़ोटोज़ से कम्पोज़िट इमेजेज़ बनानी हों, तो यह स्टाइल शानदार होगी।
ऐब्सट्रैक्ट फ़ोटोग्राफ़ी: ऐब्सट्रैक्ट फ़ोटोज़ में सबसे अहम होता है प्वाइंट ऑफ़ व्यू। दिलचस्प पर्सपेक्टिव्स पाने के लिए फटी हुई ज़मीन पर ज़ूम इन करके नज़दीक जाएँ या किसी हवाई शॉट पर ज़ूम आउट करें। अगर आपकी दिलचस्पी जाने-पहचाने ऑब्जेक्ट्स और लैंडस्केप्स के नए अंदाज़ वाले नज़ारे कैप्चर करने में है, तो आपके लिए फ़ोटोग्राफ़ी की ये स्टाइल काम आएगी।
इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपने फ़ोटोग्राफ़ी की इन जानी-मानी स्टाइल्स में से कौन सा चुना है, बुनियादी फ़ोटोग्राफ़ी स्किल्स की अच्छी समझदारी होने से आपका काम आसान हो जाएगा। फ़ोकल लेंग्थ, शटर स्पीड, ISO, ऐपर्चर और डेप्थ ऑफ़ फ़ील्ड के बारे में और जानें। और अलग-अलग फ़ोटो कम्पोज़िशन गाइडलाइन्स, जैसे कि रूल ऑफ़ थर्ड्स के साथ अपने हुनर में निखार लाएँ। अगर आपने बिलकुल अभी-अभी शुरुआत की है, तो जानें कि आपके लिए DSLR सही है या मिररलेस। चाहे आप किसी भी तरह शुरू करें, Adobe Lightroom और Photoshop जैसे एडिटिंग टूल्स के साथ, फ़ोटोज़ को एन्हांस किया जा सकता है, उनमें फ़िल्टर्स जोड़े जा सकते हैं, व और भी बहुत कुछ किया जा सकता है। जानने-समझने के लिए ढेर सारी चीज़ें हैं, लेकिन सबसे पहला काम है कोई सब्जेक्ट या स्टाइल सिलेक्ट करना, और शूट करने के लिए निकल पड़ना।
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