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डच ऐंगल शॉट क्या है और यह पर्सपेक्टिव को कैसे बदलता है?

डच ऐंगल शॉट एक आसान से कैमरा शिफ़्ट से तनाव और बेचैनी पैदा कर देता है। जानें कि इस ड्रामैटिक तकनीक का इस्तेमाल कैसे और कब करें, ताकि आप अपने सीन के टोन को असरदार ढंग से बदल सकें।

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डच टिल्ट से लोगों का ध्यान खींचें।

डच ऐंगल शॉट बेचैनी और सस्पेंस पैदा करने का एक बेहतरीन तरीका है। यह सीन में अफ़रा-तफ़री और उलझन का एहसास भी देता है। कैमरे का ऐंगल तिरछा रखने से सीन में किसी लड़खड़ाते हुए किरदार या अजीबोगरीब माहौल को दिखाने में मदद मिलती है।

डच ऐंगल शॉट क्या होता है?

डच ऐंगल शॉट को डच टिल्ट या कैंडिड ऐंगल भी कहा जाता है। यह एक ऐसा कैमरा शॉट है, जिसमें कैमरे को उसके X-ऐक्सिस पर तिरछा करके रखा जाता है। इससे फ़्रेम की हॉरिज़ॉन्टल और वर्टिकल लाइनें झुकी हुई दिखाई देती हैं। आमतौर पर, यह तकनीक फ़िल्मों में तनाव या असहजता दिखाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। अक्सर इसका इस्तेमाल किसी किरदार की दिमागी हालत खराब होने या सीन में घबराहट का एहसास पैदा करने के लिए किया जाता है।

1949 की फ़िल्म द थर्ड मैन में डच ऐंगल का काफ़ी इस्तेमाल किया गया था, ताकि यह दिखाया जा सके कि मुख्य किरदार एक अनजान माहौल में खुद को असहज और अलग-थलग महसूस करता है। युद्ध के बाद की वियना पर आधारित इस फ़िल्म में तिरछे कैमरा ऐंगल के साथ-साथ वाइड-ऐंगल लेंस डिस्टॉर्शन और काफ़ी क्लोज़-अप शॉट्स जैसे अन्य सिनेमैटिक तरीकों का भी इस्तेमाल किया गया है। इन सभी शॉट्स को मिलाकर सस्पेंस और बेचैनी का एहसास बढ़ाया जाता है, जो किरदार की असहज स्थिति और फ़िल्म की टोन से पूरी तरह मेल खाते हैं।

सामान्य टिल्ट शॉट के उलट, डच ऐंगल शॉट देखने पर ऐसा लगता है कि किरदार के साथ या सीन के अंदर कुछ तो गड़बड़ है। वहीं सामान्य टिल्ट शॉट में जानकारी का खुलासा कर दिया जाता है और इसमें ऊपर या नीचे की तरफ़ करके रखे गए कैमरे से एक ड्रैमेटिक इफ़ेक्ट पैदा हो सकता है। इसके उलट, पहले से चली आ रही ऐक्सिस फ़्रेमिंग में कैमरे को एक मानी गई लाइन, यानी ऐक्सिस ऑफ़ ऐक्शन के एक तरफ़ रखा जाता है और इस तरह किरदारों और सामान के बीच दिख रही दूरी अलग-अलग सीन्स में एक जैसी होती है।

फ़िल्म में कैमरा ऐंगल्स किसी किरदार की भावनात्मक स्थिति और पूरे सीन का माहौल सेट करने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। अक्सर सस्पेंस वाली फ़िल्मों में डच ऐंगल्स का इस्तेमाल किया जाता है।

ज़ॉनराज़ जिनमें डच ऐंगल का इस्तेमाल किया जाता है।

डच ऐंगल पॉइंट ऑफ़ व्यू को बिगाड़कर दिखाता है, ताकि सीन में बेचैनी या तनाव महसूस हो। हालाँकि, इसका इस्तेमाल कभी-कभी कॉमेडी में भी किया जाता है। नीचे फ़िल्ममेकिंग के कुछ ज़ॉनराज़ दिए गए हैं, जहाँ फ़िल्मों में इस ऐंगल का इस्तेमाल देखा जा सकता है:

  • थ्रिलर्स और साइकोलॉजिकल ड्रामाज़। इन दोनों ज़ॉनराज़ की फ़िल्मों में डच कैमरा ऐंगल किरदारों की दिमागी हालत खराब होने और उनकी बेचैनी दिखाने का एक असरदार तरीका है। यह दर्शकों में सस्पेंस पैदा करता है और वे बेचैनी महसूस करते हैं।
  • हॉरर। तिरछी फ़्रेमिंग इस ज़ॉनरा में किरदारों के अंदर चल रहे डर को दिखाती है। साथ ही, सीन में डर और आने वाले खतरे का एहसास पैदा करती है।
  • कॉमेडी। डच ऐंगल को मज़ाकिया या अजीबोगरीब अंदाज़ को दिखाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पता चलता है कि सीन कितना अजीब है और दर्शकों को महसूस होता है कि कैसे चीज़ों में कोई टिकाऊपन नहीं है।
  • साइन्स फ़िक्शन। साइंस फ़िक्शन फ़िल्मों में यह ऐंगल किसी आने वाली दुनिया में होने का या किसी अनजान जगह पर होने का एहसास पैदा करता है।

डच ऐंगल के साथ शूट करने से दर्शक किरदारों के दिमाग और भावनाओं को ज़्यादा करीब से महसूस कर सकते हैं। इसे ओवर-द-शोल्डर शॉट या क्लोज़-अप जैसे अन्य शॉट्स के साथ इस्तेमाल करने पर दर्शकों को किरदार पूरी तरह समझ आते हैं कि वे कौन हैं और अपने माहौल में कैसे रहते हैं।

डच कैमरा ऐंगल का इस्तेमाल क्या दर्शाने के लिए किया जाता है।

डच ऐंगल के असामान्य नज़रिये से दर्शकों का ध्यान खींचा जा सकता है और उनके मन में उत्सुकता जगाई जा सकती है कि अब आगे क्या होगा। यह ऐंगल किरदारों की अंदरूनी भावनाओं को करीब से दिखाता है और कुछ सीन्स में उथल-पुथल का असर बढ़ा देता है। फ़िल्ममेकर इस ऐंगल को इन वजहों से इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • असंतुलन दिखाने के लिए। कैमरे का झुकाव दिखाता है कि कैसे किरदार के आसपास के माहौल में टिकाऊपन नहीं है और कभी भी कुछ भी हो सकता है।
  • अंदरूनी उथल-पुथल दर्शाने के लिए। कैमरे को टेढ़ा रखकर तैयार की गई फ़्रेमिंग किरदार के दिमाग में चल रहे उथल-पुथल के बारे में बताती है।
  • मनोवैज्ञानिक बेचैनी दिखाने के लिए। कहानी या किरदार को असामान्य ऐंगल से देखने पर दर्शक भी किरदार के साथ असहजता और तनाव महसूस करते हैं।

नीचे फ़िल्मों में अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले डच ऐंगल के कुछ आम उदाहरण दिए गए हैं:

  • सपने वाले सीक्वेंसेज़। इस ऐंगल से लिए गए शॉट्स देखकर लोगों का दिमाग चकरा जाता है और दिखने में सबकुछ अजीबोगरीब लगता है। समझ में नहीं आता कि क्या सच है और क्या मनगढ़ंत। इसका शानदार उदाहरण क्रिस्टोफ़र नोलन की फ़िल्म इन्सेप्शन है, जहाँ किरदार अलग-अलग सपनों की दुनिया में जाते हैं। इसके अलावा, फ़िल्म में हाई ऐंगल शॉट्स का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि टूटती-बिखरती दुनिया और सपनों की दुनिया में किरदारों को छोटा और बेअसर दिखाया जा सके।
  • तनाव के पल। जब इस ऐंगल का इस्तेमाल किया जाता है, तो सीन में कुछ गड़बड़ सा महसूस होता है, जिससे दर्शकों में सस्पेंस बढ़ता है। शटर आईलैंड में जैसे-जैसे मुख्य किरदार सच्चाई के करीब पहुँचता है, तो डच ऐंगल का इस्तेमाल किया गया है, ताकि दर्शक भी मुख्य किरदार की बेचैनी और असहजता महसूस कर सकें।
  • अफ़रा-तफ़री वाले सीन्स। डच ऐंगल में जो एक आला किस्म का तिरछा ऐंगल होता है उससे तेज़ रफ़्तार वाले अहम सीन्स आसानी से दिखाए जा सकते हैं। Marvel की सुपरहीरो फ़िल्म थॉर में अस्गार्ड के फ़ैमिली में टकराव और उथल-पुथल दिखाने के लिए इस ऐंगल का इस्तेमाल किया गया था, ताकि सही से दिखाया जा सके कि किरदारों के बीच कौन कब हावी हो रहा है।
  • दिमागी हालत की गड़बड़ी वाले सीन्स। जब कोई किरदार दिमागी रूप से ठीक न हो, तो कैमरा इसका एहसास तुरंत दर्शकों तक पहुँचाता है। ब्लैक स्वान में दिखाया गया है कि जैसे-जैसे नीना का पागलपन बढ़ता जाता है, उसकी दिमागी हालत भी बिगड़ती जाती है। इसके लिए सीन्स कैमरे को तिरछा करके फ़िल्माए गए हैं। पागलपन को दर्शकों के सामने और बेहतर ढंग से लाने के लिए लो ऐंगल शॉट्स इस्तेमाल किए गए हैं। इन शॉट्स से ये भी पता चलता है कि नीना कितना दबाव महसूस कर रही है।

अलग-अलग कैमरा ऐंगल्स का इस्तेमाल दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन हर सीन सस्पेंस और थ्रिल से भरा नहीं हो सकता। इसलिए कुछ आई-लेवल शॉट्स भी शामिल करना अच्छा होता है, ताकि दर्शकों के सामने एक न्यूट्रल पर्सपेक्टिव जाए।

फ़िल्मों में डच ऐंगल के मशहूर उदाहरण।

अगर आपको सीन में तनाव बढ़ाना है, सस्पेंस बढ़ाना है या अफ़रा-तफ़री दिखानी है, तो दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए डच ऐंगल का इस्तेमाल किया जा सकता है। नीचे दिए गए कुछ मशहूर उदाहरण आपको यह समझने में मदद करेंगे कि अपनी फ़िल्म में इस ऐंगल का कहाँ और कैसे इस्तेमाल करना चाहिए:

  • सिटिज़न केन**।** जाने-माने “कैम्पेन प्रॉमिसेज़” सीन में डच ऐंगल का इस्तेमाल भ्रष्ट राजनेता चार्ल्स केन की मानसिक जटिलता और उसकी बेईमानी को दिखाने के लिए किया गया है।
  • मिशन: इंपॉसिबल**।** रेस्टोरेंट वाले सीन में, जहाँ ईथन हंट समझता है कि वह खुद निशाना बन गया है, डच ऐंगल का इस्तेमाल रोमांच और तनाव को उभारने के लिए किया गया है।
  • द मैट्रिक्स। एजेंट्स द्वारा नियो को पकड़कर पूछताछ किए जाने वाले सीन में, बातचीत के दौरान कैमरा हल्का सा तिरछा हो जाता है, ताकि दिखाया जा सके कि वह अपने माहौल में फँसा हुआ और असहज महसूस कर रहा है।

डच ऐंगल शॉट को कैसे इस्तेमाल करें।

अब जब आपने इस्तेमाल करने से जुड़े उदाहरण देख लिए हैं, तो अपनी फ़िल्म में इस आइकॉनिक ऐंगल को इस्तेमाल करने का समय आ गया है।

शूटिंग शुरू करने से पहले यह करें कि आपको सीन में कौन-सी भावना या टोन दिखानी है, जैसे कि तनाव, दिमागी गड़बड़ी, उलझन, उथल-पुथल या कुछ और। साथ ही, सोचें कि क्या कैमरे का झुकाव सीन को और असरदार बनाएगा या कहानी से ध्यान हटाएगा।

अगर डच ऐंगल आपके अगले सीन के लिए सही है, तो इसे सेटअप और शूट करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

1. तय करें कि आपको ट्राइपॉड का इस्तेमाल करना है या हैंडहेल्ड विकल्प अपनाना है।

  • ट्राइपॉड का इस्तेमाल करने से कैमरा एक ही जगह पर ज़्यादा टिककर रहता है। इससे कैमरे का झुकाव एक जैसा बना रहता है और किसी मूवमेंट को ज़्यादा कुदरती अंदाज़ में दिखाना मुमकिन हो पाता है।
  • अगर आपको सीन में ज़्यादा उथल-पुथल वाला माहौल दिखाना है, तो बिना ट्राइपॉड के कैमरे का इस्तेमाल करके शूट करने से सीन का उथल-पुथल भरा और चौंकाने वाला इफ़ेक्ट बढ़ जाता है।

2. कैमरे को पहले आई-लेवल पर सेट अप करें, फिर तय करें कि आपको वाइड ऐंगल, क्लोज़-अप या मीडियम शॉट लेना है।

3. साफ़-सुथरा ऐंगल पाने के लिए कैमरे को 15-25 डिग्री तक झुकाएँ।

  • ज़्यादा सदमेदार हालात दर्शाने के लिए के लिए कैमरा को ज़्यादा टेढ़ा करके या झुकाकर रखें। कैमरा ऐसे सेट करें कि इमारतों, दीवारों या दरवाज़ों जैसी सीधी लाइनों के फ़्रेम के साथ सीधा मेल न बैठे।

4. अलग-अलग ऐंगल्स आज़माकर, अपने सीन के लिए सबसे सही ऐंगल खोजें।

5. अपनी फ़ुटेज देखें और ज़रूरत के हिसाब से बदलाव करें।

पोस्ट-प्रॉडक्शन में कैमरे के अलग-अलग झुकाव और डच ऐंगल शॉट्स आज़माकर करें।

डच ऐंगल को शूटिंग के समय ही कैप्चर करना बेहतर होता है, लेकिन ज़रूरत पड़ने पर पोस्ट-प्रॉडक्शन के दौरान भी पर्सपेक्टिव बदला जा सकता है। इसके लिए Adobe {{premiere}} में ये तरीका अपनाएँ:


  1. टाइमलाइन में वीडियो क्लिप पर क्लिक करके उसे चुनें।

  1. इफ़ेक्ट कंट्रोल पैनल में जाकर, मोशन सेक्शन खोजें। रोटेशन वैल्यू को +15 या -15 डिग्री पर सेट करें। अगर आपको शॉट में ज़्यादा टिल्ट चाहिए, तो वैल्यू को बढ़ाया जा सकता है।

  1. आपके फ़्रेम के कोनों में काले ट्रैंगल्स न दिखें, इसके लिए स्केल वैल्यू बढ़ाएँ।

  1. फ़्रेम में सब्जेक्ट को बीच में रखने के लिए पोज़िशन सेटिंग्स का इस्तेमाल करें।

  1. सीन को फिर से देखें, फिर अपने काम को सेव और एक्सपोर्ट करने के लिए फ़ाइल > एक्सपोर्ट करें > मीडिया पर क्लिक करें।

चाहे आप कैमरा तिरछा रखकर शूट करें या वीडियो एडिट करते समय फ़्रेम को तिरछा कर दें, दोनों तरीक़ों से कुछ सेकंड में ही अफ़रा-तफ़री या उलझन जैसे एहसास पैदा किए जा सकते हैं।

https://main--cc--adobecom.aem.page/cc-shared/fragments/products/premiere/do-more-with-premiere

डच ऐंगल शॉट के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल।

हॉरर मूवीज़ में डच ऐंगल का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

हॉरर मूवीज़ में डच ऐंगल का इस्तेमाल दर्शकों को किसी अनहोनी का एहसास कराने या किरदार के मन भावों को सामने लाने के लिए किया जा सकता है। यह ऐंगल, बेचैनी और सस्पेंस पैदा कर सकता है।

डच ऐंगल का पहली बार कब इस्तेमाल किया गया था?

डच ऐंगल का पहली बार इस्तेमाल 1920 के दशक में जर्मन एक्सप्रेशनिस्ट सिनेमा में किया गया था, ताकि दर्शकों में उलझन या बेचैनी जैसा एहसास पैदा किया जा सके।

थॉर में इतने सारे डच ऐंगल्स क्यों हैं?

थॉर में डच ऐंगल्स का इस्तेमाल दो भाइयों के बीच पारिवारिक तनाव और पूरी फ़िल्म में चलने वाले टकराव को दिखाने के लिए किया गया था।

स्पाइक ली, डच ऐंगल्स का इस्तेमाल क्यों करते हैं?

डायरेक्टर स्पाइक ली, डच ऐंगल का इस्तेमाल तनाव बढ़ाने और चल रहे टकराव को दिखाने के लिए करते हैं।

क्य {{premiere}} में डच ऐंगल को एडिट किया जा सकता है?

हाँ, {{premiere}} में डच ऐंगल को एडिट किया जा सकता है। इफे़क्ट कंट्रोल्स पैनल में उपलब्ध टूल्स की मदद से सीन को मनमुताबिक रोटेट किया जा सकता है।

https://main--cc--adobecom.aem.page/cc-shared/fragments/merch/products/premiere/merch-card/segment-blade