Adobe Photoshop
बेदाग इमेज रीस्टोरेशन के लिए इनपेंटिंग की आर्ट में महारत हासिल करें।
रियालिटी को अपने हिसाब से ढालें, बारीक से बारीक बदलाव करें।
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इनपेंटिंग क्या होती है? बिलकुल साफ़-सुथरी इमेजेज़ का राज़ जानें।
इनपेंटिंग के लिए चले आ रहे पुराने तौर-तरीकों से लेकर AI वाले नए तौर-तरीकों के बारे में जानें।
जेनरेटिव फ़िल का इस्तेमाल करके AI की मदद से की जाने वाली इनपेंटिंग एक्सप्लोर करें।
जेनरेटिव फ़िल अपना चमत्कार कैसे करता है।
इनपेंटिंग क्या होती है?
इनपेंटिंग का मतलब है AI का इस्तेमाल करके इमेज के उन हिस्सों को रीकंस्ट्रक्ट या फ़िल करना, जो गायब या डैमेज हो गए हैं। किसी इमेज में आसपास के कॉन्टेंट को और टेक्स्चर्स व पैटर्न्स जैसी मौजूदा बारीकियों को एनालाइज़ करके ओरिजिनल इमेज के साथ आसानी से घुलमिल जाने वाले एरियाज़ रीक्रिएट करना मुमकिन होता है।
बिलकुल साफ़-सुथरी इमेजेज़ का राज़ जानें।
रिवाज़ देखा जाए, तो इनपेंटिंग के लिए मैन्युअल तौर-तरीके इस्तेमाल होते रहे हैं। आर्टिस्ट्स या फ़ोटो रीस्टोरर्स इमेज के कॉन्टेक्स्ट का जिस हद तक इस्तेमाल कर सकते थे, उसके आधार पर वे बड़ी लगन से एरियाज़ रीस्टोर करते थे। समय के साथ, टेक्नीक्स बदलीं और काम के कुछ हिस्सों को ऑटोमेट करने के लिए पार्शियल डिफ़रेंश्यल इक्वेशन्स (PDEs) व टेक्स्चर सिंथेसिस जैसे एल्गॉरिदम्स इस्तेमाल होने लगे।
आज AI से चलने वाले इनपेंटिंग के तौर-तरीके, जैसे, Photoshop में मौजूद जेनरेटिव फ़िल, मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करके एनालाइज़ करते हैं और गायब एरियाज़ को लोगों के लिए सटीक ढंग से चटपट भरने के तरीके का अंदाज़ा लगाते हैं, और इमेज रीस्टोर करने के दौरान हर समय वे इमेज की इंटेग्रिटी के साथ खिलवाड़ नहीं करते। लेकिन AI से किए गए जाने वाले एडिट्स के सचमुच का लगने की वजह से अब यह बताना मुश्किल हो सकता है कि क्या जेन्युइन है और क्या नहीं। जेनरेटिव AI की टेक्नीक के आगे बढ़ने के साथ ही ऑथेंटिसिटी चेक करने के तरीके भी बदलने चाहिए।
जेनरेटिव फ़िल का इस्तेमाल करके AI की मदद से की जाने वाली इनपेंटिंग एक्सप्लोर करें।
चाहे किसी यूज़र ने अभी-अभी शुरुआत की हो या वे अपने काम में माहिर हों, जेनरेटिव फ़िल जैसे AI टूल्स के ज़रिए प्रोफ़ेशनल क्वालिटी वाले एडिट्स करना और हाई-लेवल का इमेज मैनिप्युलेशन करना सभी के लिए मुमकिन होता है।
जेनरेटिव फ़िल की मदद से इमेजेज़ को तेज़ी से व आसानी से रीकंस्ट्रक्ट करना व ज़्यादा रियलिस्टिक रिज़ल्ट्स हासिल करना मुमकिन हो जाता है। इमेज का कॉन्टेक्स्ट समझना हो या गायब एरियाज़ को फ़िल करने या एलिमेंट्स हटाने का काम इस तरह से काम करना हो कि ओरिजिनल इमेज से फ़र्क कर पाना मुमकिन न हो, इसके लिए पुराने तौर-तरीकों से उलट, जेनरेटिव फ़िल एड्वान्स्ड AI का इस्तेमाल करता है।
और बिना किसी खास मैन्युअल काम के ही रिज़ल्ट्स दिखने में ज़्यादा कंसिस्टेंट लगते हैं, क्योंकि इंसानों के मुकाबले AI कॉन्टेक्स्ट को ज़्यादा सटीक ढंग से एनालाइज़ कर सकती है। इससे प्रोफ़ेशनल क्वालिटी वाले रिज़ल्ट्स हासिल करना ज़्यादा आसान हो जाता है, चाहे छोटी-मोटी बारीकियाँ ठीक करनी हों या बड़े-बड़े गैप्स भरने हों और इसके लिए ज़रूरी नहीं कि आप पहले से ही इस काम में माहिर हों।
जेनरेटिव फ़िल का काम चमत्कार जैसा होता है।
AI से चलने वाला जेनरेटिव फिल इमेज के लापता हिस्सों को बिना किसी रुकावट के भर देता है। इमेज के जिन हिस्सों पर असर पड़ा है, यह उन्हें एनालाइज़ करता है और कॉन्टेक्स्ट से मदद पाने के लिए आसपास के कॉन्टेंट की स्टडी करता है। इसके बाद, यह नई इमेज को रिफ़ाइन कर सकता है और पक्का करता है कि सभी एलिमेंट्स ओरिजिनल इमेज के साथ आसानी से घुलमिल जाएँ।
कई स्टेप्स वाले इस काम से मैन्युअल काम के मुकाबले रियलिस्टिक व कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से सही रिज़ल्ट्स तेज़ी से पाने में मदद मिलती है।
इनपेंटिंग के साथ बेशुमार क्रिएटिव पोटेंश्यल।
इनपेंटिंग का कई क्रिएटिव तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे कि फ़ोटोज़ से अनचाहे ऑब्जेक्ट्स या लोगों को हटाने में, डैमेज हुई इमेजेज़ को रिपेयर करने में, और प्रॉडक्ट शॉट्स में मौजूद खामियों को साफ़ करने में। डिजिटल आर्टिस्ट्स भी अलग-अलग इमेजेज़ को एक साथ आसानी से ब्लेंड करके बिलकुल अलग अंदाज़ वाले कंपोज़िट्स बनाने के लिए इनपेंटिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ज़्यादा एड्वांस्ड इनपेंटिंग टेक्नीक्स में कई इमेज सोर्सेज़, वीडियो फ़्रेम्स, या 3D सीन की समझदारी शामिल हो सकते हैं, जिससे ज़्यादा सटीक और फ़्लेक्सिबल रिज़ल्ट्स मिल सकते हैं।
AI इनपेंटिंग टेक्नोलॉजी बिना किसी इमेज लिमिटेशन वाली दुनिया बनाती है और क्रिएटिव तरीके से एक्सप्लोर करने के बुशुमार तरीके मुहैया कराती है।