इंडस्ट्रियल डिज़ाइन: यह क्या है और इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर क्या करते हैं.

अपने हर एक पसंदीदा प्रॉडक्ट के लिए, आपको एक इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर को धन्यवाद कहना चाहिए. Apple के पूर्व चीफ़ डिज़ाइन ऑफ़िसर जोनाथन आइव का ही उदाहरण लें, तो दुनिया के पसंदीदा इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, जैसे कि iPhone और iPad के डिज़ाइन के पीछे उन्हीं का हाथ था. या फिर जेम्स डायसन को लें जिन्होंने अपने नाम पर घरेलू उपकरणों का एक ब्रैंड चलाया जिसमें मशहूर प्रॉडक्ट शामिल हैं, जैसे कि वैक्यूम क्लीनर, हैंड ड्रायर और पंखे.

 

इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर की उन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बनाने में भूमिका होती है जिन्हें दुनिया भर के लोग बहुत पसंद करते हैं. उदाहरण के लिए चार्ल्स और रे ईम्स ने मॉडर्न, फ़ंक्शनल और सादगी से भरा खूबसूरत फ़र्नीचर बनाया — इनकी लाउंज और डाइनिंग चेयर खास तौर से मशहूर हुईं — इनका फ़र्नीचर आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना बींसवी सदी के मध्य में था जब इस दंपति ने ये आइटम डिज़ाइन किए थे. वॉल्टर डॉर्विन टीग ने पोलरॉइड कैमरा और Pringles के डिब्बे जैसे जाने-माने प्रॉडक्ट बनाने में मदद की. इन्होंने 1926 में Teague डिज़ाइन फ़र्म शुरू की थी, जो आज भी चल रही है.

 

आपको पता चल गया होगा कि इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर हमारी दुनिया को आकार देने में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं. लेकिन इंडस्ट्रियल डिज़ाइन की फ़ील्ड में असल में होता क्या है? इसका बैकग्राउंड यहाँ देखें.

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इंडस्ट्रियल डिज़ाइन क्या है?

इंडस्ट्रियल डिज़ाइन मैन्युफ़ैक्चर्ड प्रॉडक्ट, डिवाइस और सेवाओं के स्वरूप और काम करने के तरीके पर खास ध्यान देते हुए, उन्हें बेहतर बनाने की प्रोफ़ेशनल प्रैक्टिस है. इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर आम तौर पर यह रिसर्च करते हैं कि ग्राहक एक खास प्रॉडक्ट को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं और फिर वे अन्य प्रोफ़ेशनल, जैसे इंजीनियर और मार्केटर (इसके बारे में ज़्यादा जानकारी नीचे दी गई है) के साथ मिलकर काम करते हैं, ताकि नई चीज़ों के लिए अवधारणाएँ और डिज़ाइन बनाए जा सकें.

 

इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर आम तौर पर एक प्रॉडक्ट कैटगरी में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं, जैसे कि ऑटोमोबाइल, फ़र्नीचर या घरेलू उपकरण. वे हर एक चीज़ पर ध्यान देते हैं, प्रॉडक्ट के काम करने के तरीके से लेकर उसके बनाए जाने के तर्क तक और क्या वह लोगों की ज़रूरतों और उम्मीदों को पूरा करता है.

इंडस्ट्रियल डिज़ाइन फ़ील्ड का इतिहास.

इंडस्ट्रियल डिज़ाइन की शुरुआत को अठारहवीं शताब्दी के मध्य से जोड़ सकते हैं जब ग्रेट ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति हो रही थी. "इंडस्ट्रियल डिज़ाइन" शब्द का पहली बार इस्तेमाल एक विवरण के तहत हुआ था, जिसमें यह बताया गया था कि ड्राफ़्ट्समैन ने सिल्क बनाने के लिए किस तरह पैटर्न तैयार किए थे.

 

औद्योगीकरण के विकास ने बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन को बढ़ावा दिया. अमेरिका में 1800 के अंतिम दशक से लेकर 1900 के मध्य तक शुरुआती डिज़ाइन स्कूल खुलने शुरू हो गए थे. लेकिन 1980 के दशक में ही इंडस्ट्रियल डिज़ाइन को लाभ वाले उद्योगों में एक बड़े प्रोफ़ेशन के तौर पर मान्यता मिली. नज़रिये में यह बदलाव बहुत हद तक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के अस्तित्व में आने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वैश्विक प्रतिस्पर्धा से भी प्रेरित रहा.

 

एक इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर का काम समय के साथ बदलता चला गया है. जहाँ पहले इंडस्ट्रियल डिज़ाइन के स्टूडेंट मुख्य रूप से आर्ट और डिज़ाइन के क्षेत्र में ही ट्रेनिंग लिया करते थे जो कि प्रॉडक्ट के लुक और फ़ंक्शन से संबंधित थे, आज इंडस्ट्रियल डिज़ाइन स्टूडियो प्रॉडक्ट के डिज़ाइन और डेवलपमेंट के बिज़नेस-संबंधी पहलुओं को भी मैनेज करते हैं, जैसे कि सामान की लागत और कॉर्पोरेट ब्रैंडिंग. 2018 तक, ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिसटिक्स ने अमेरिका में इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर कर्मचारियों की संख्या 43,000 से ज़्यादा बताई, जिसमें से सबसे ज़्यादा लोग मिशिगन और कैलिफ़ोर्निया में मौजूद थे.

इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर क्या काम करते हैं?

इंडस्ट्रियल डिज़ाइन में मैन्युफ़ैक्चर किए गए सभी तरह के प्रॉडक्ट का विकास शामिल है- कार, घरेलू उपकरणों और चिकित्सा उपकरणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और खिलौनों तक. हालाँकि, ज़्यादातर इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर किसी खास एरिया पर फ़ोकस करते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ डिज़ाइनर कंप्यूटर और स्मार्टफ़ोन बनाते हैं, जबकि दूसरे इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर नए कंज्यूमर प्रॉडक्ट के कॉन्सेप्ट तैयार करते हैं, जैसे स्पोर्ट्स गियर या फ़र्नीचर.

 

वे चाहे किसी भी तरह का प्रॉडक्ट तैयार कर रहे हों, एक इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर की ज़िम्मेदारी में आम तौर पर ये चीज़ें शामिल होती हैं:

 

  • प्रॉडक्ट इस्तेमाल किए जाने के तरीके को समझने के लिए कंज़्यूमर रिसर्च करना
  • कई आइडिया का ब्लूप्रिंट तैयार करना या खाका तैयार करना
  • अलग-अलग डिज़ाइन की 3D रेंडरिंग तैयार करने के लिए 3D सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करना
  • तय करना कि डिज़ाइन, प्रॉडक्ट की सुरक्षा, लुक और काम करने के तरीके के आधार पर व्यावहारिक है या नहीं
  • मटीरियल को देखने, प्रोडक्शन की लागत की गणना करने और मैन्युफ़ैक्चरिंग की ज़रूरतें तय करने के लिए विशेषज्ञों के साथ काम करना
  • क्लाइंट की मंज़ूरी के लिए 3D प्रिंटिंग और ऑगमेंटे़ड रिएलिटी (AR) के इस्तेमाल से डिज़ाइन और प्रोटोटाइप प्रज़ेंट करना
  • असल दुनिया में लोगों के इस्तेमाल के लिए रोज़ के क्वालिटी प्रॉडक्ट बनाने के लिए समस्या का समाधान करने वाले तरीकों का इस्तेमाल करना

कारों से लेकर घरेलू उपकरणों, और चिकित्सा उपकरणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और खिलौनों तक—इंडस्ट्रियल डिज़ाइन प्रोफ़ेशन में सभी तरह के मैन्युफ़ैक्चर किए गए प्रॉडक्ट का डेवलपमेंट शामिल है. हालाँकि, ज़्यादातर इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर किसी खास एरिया पर फ़ोकस करते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ डिज़ाइनर कंप्यूटर और स्मार्टफ़ोन बनाते हैं, जबकि दूसरे इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर नए कंज्यूमर प्रॉडक्ट के कॉन्सेप्ट तैयार करते हैं, जैसे स्पोर्ट्स गियर या फ़र्नीचर.

 

वे चाहे किसी भी तरह का प्रॉडक्ट तैयार कर रहे हों, एक इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर की ज़िम्मेदारी में आम तौर पर ये चीज़ें शामिल होती हैं:

 

- प्रॉडक्ट इस्तेमाल किए जाने के तरीके को समझने के लिए कंज़्यूमर रिसर्च करना

- कई आइडिया का ब्लूप्रिंट तैयार करना या खाका तैयार करना

- अलग-अलग डिज़ाइन की 3D रेंडरिंग तैयार करने के लिए 3D सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करना

- तय करना कि डिज़ाइन, प्रॉडक्ट की सुरक्षा, लुक और काम करने के तरीके के आधार पर व्यावहारिक है या नहीं

- मटीरियल को देखने, प्रोडक्शन की लागत की गणना करने और मैन्युफ़ैक्चरिंग की ज़रूरतें तय करने के लिए विशेषज्ञों के साथ काम करना

- क्लाइंट की मंज़ूरी के लिए 3D प्रिंटिंग और ऑगमेंटे़ड रिएलिटी (AR) के इस्तेमाल से डिज़ाइन और प्रोटोटाइप प्रज़ेंट करना

- असल दुनिया में लोगों के इस्तेमाल के लिए रोज़ के क्वालिटी प्रॉडक्ट बनाने के लिए समस्या का समाधान करने वाले तरीकों का इस्तेमाल करना

वे टूल जिनका इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर इस्तेमाल करते हैं.

किसी प्रोजेक्ट की अवधारणा बनाए जाने या उस पर विचार किए जाने वाले चरण में, इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर खाका तैयार करेगा, रेंडर करेगा और 3D मॉडल बनाएगा. उसके बाद यूज़र की ज़रूरत के मुताबिक सबसे अच्छा समाधान पाने के लिए इन प्रोटोटाइप को टेस्ट करेगा. इस स्तर पर इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर का मुख्य उद्देश्य यह समझना होता है कि एक प्रॉडक्ट कैसे काम करेगा, दिखेगा और मैन्युफ़ैक्चर होगा.

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इस प्रोसेस के दौरान, इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर 3D डिज़ाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल स्केच बनाने और अपने आइडिया में बदलाव करने के महत्वपूर्ण टूल के रूप में करते हैं. इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर जो मैन्युफ़ैक्चरर के लिए काम करते हैं, एक बार प्रॉडक्ट तय हो जाने पर विशेष नियमों को बनाने के लिए 3D सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर इस तरह के लोगों के साथ काम करते हैं.

मंज़ूर किए गए प्रॉडक्ट डिज़ाइन को बनाने के लिए, डिज़ाइन प्रोसेस के अंतिम चरणों में, इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर मैकेनिकल इंजीनियर, मटीरियल साइंटिस्ट, मैन्युफ़ैक्चरर, और ब्रैंडिंग स्ट्रेटजिस्ट के साथ काम करते हैं.

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इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर रोज़मर्रा के प्रॉडक्ट को डिज़ाइन करने के लिए रीसोर्स और क्रिएटिविटी का भरपूर इस्तेमाल करते हैं जिनके बारे में उन्हें लगता है कि वे काफ़ी ज़्यादा इस्तेमाल किए जाएँगे — लेकिन ऐसा करने के लिए, उन्हें बढ़िया आपसी तालमेल रखना होता है. आम तौर पर स्ट्रैटजिस्ट, इंजीनियर, यूज़र इंटरफ़ेस (UI) डिज़ाइनर, यूज़र एक्सपीरियंस (UX) डिज़ाइनर, प्रोजेक्ट मैनेजर, ब्रैंडिंग एक्सपर्ट, ग्राफ़िक डिज़ाइनर, और मैन्युफ़ैक्चरर से मिलकर बनी बड़ी टीमें इस प्रोफ़ेशन में काम करती हैं. विभिन्न लेयर पर अनुशासन बरतने के कारण इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर किसी समस्या को पूरी तरह से समझते हैं और एक यूज़र की विशेष ज़रूरत के मुताबिक बढ़िया हल पेश करते हैं. कुछ बेहद मशहूर इंडस्ट्रियल डिज़ाइन एजेंसियों में ये शामिल हैं, IDEO, Frog और Teague.