किसी आइडिया को सच की ज़मीन पर उतरता हुआ देखने के लिए 3D स्कलप्टिंग में काफ़ी समय और मेहनत लग सकती है। यहाँ पर कुछ बुनियादी जानकारी दी गई है:
1. कोई बेहतरीन मॉडल बनाने की शुरुआत में अक्सर कुछ नए-नए आइडियाज़ आज़माकर देखने होते हैं, स्केचेज़ बनाने पड़ते हैं, या मेंटल प्लानिंग करनी पड़ती है। रेफ़रेंसेज़ जुटाना भी खुद को तैयार करने का एक शानदार तरीका है।
2. 3D स्कलप्टिंग टूल्स को चुनते समय खुद की पसंद/नापसंद, स्किल लेवल, और बजट की पाबंदियों समेत कई चीज़ें ध्यान में रखनी होती हैं। सीन को सेट अप करें और अगर रेफ़रेंसेज़ इस्तेमाल हो रहे हैं तो उन्हें इम्पोर्ट करें।
3. स्कल्प्टिंग की शुरुआत डिजिटल क्ले को आसान शेप देने से होती है, इसलिए आसान शेप्स का स्केच बनाने से शुरुआत करना ही सबसे अच्छा रहेगा।
4. ज़्यादा सटीक बारीकियाँ डालने के लिए आसान शेप्स में धीरे-धीरे बदलाव करें। इस्तेमाल हो रहे सॉफ़्टवेयर और गढ़े जा रहे मॉडल की किस्म से तय होगा कि यह स्टेप कैसे पूरा किया जाएगा। हार्डएज मॉडलिंग या ऑर्गेनिक मॉडलिंग के तरीके बिलकुल अलग होते हैं।
5. ज़रूरत पड़ने पर, टेक्सचर देने के लिए मॉडल को UV अनरैप करें। अगर Substance 3D Modeler इस्तेमाल हो रहा है, तो एक्सपोर्ट करते समय यह काम अपने आप पूरा हो जाता है। मटीरियल्स अप्लाई करने या सीधे इसकी सर्फ़ेस पर पेंट करने के लिए इसे Substance 3D Painter में इंपोर्ट करें।
6. स्कल्प्ट को कैसे इस्तेमाल किया जाएगा, उसके आधार पर आखिर में या तो इसे कहीं और इस्तेमाल के लिए एक्सपोर्ट किया जाता है, या फ़ाइनल इमेजेज़ या एनिमेशन्स को स्टेज करके रेंडर किया जाता है।
याद रखें कि अलग-अलग लोगों की पसंद व प्रॉजेक्ट की सटीक ज़रूरतों के आधार पर यह वर्कफ़्लो अलग-अलग हो सकता है। फिर भी 3D स्कलप्टिंग पहली बार सीखते समय शुरुआत करने के लिए यह एक बढ़िया जगह है।