सबसर्फ़ेस स्कैटरिंग एक रेंडरिंग टेक्नीक है, जो वीडियो गेम कैरेक्टर्स, एनवायरमेंट्स, और ऑब्जेक्ट्स के अंदर लाइट के घुसने और स्कैटर करने के तरीके को सिम्युलेट करती है। यह स्किन, वैक्स, पत्ते, व अन्य चीज़ों को रियलिस्टिक तरीके से दिखाए जाने के लिए एक बेहद ज़रूरी टेक्नीक है।
सबसर्फ़ेस स्कैटरिंग के कई असर होते हैं, जिनमें शामिल हैं:
● लाइट व शैडो के बीच के ट्रांसज़िशन्स को मद्धम बनाना
● ग्लोइंग इफ़ेक्ट्स
● गहराई और वॉल्यूम
● स्किन की रियलिस्टिक रेंडरिंग
दोनों ही टेकनीक्स में किसी मटीरियल से होकर लाइट गुज़रती है, मगर उनके असर अलग-अलग होते हैं। ट्रांसमिशन तब होता है जब लाइट किसी पतले मटीरियल से होकर गुज़रता है, जैसे कि काँच, जो लाइट को मोड़ देता है या रीफ़्रैक्ट कर देता है। इसमें फ़ोकस इस बात पर होता है कि लाइट किसी चीज़ से होकर चलती है। वहीं सबसर्फ़ेस स्कैटरिंग अलग-अलग सतहों के नीचे लाइट का बिखराव करती है और उसे स्कैटर करती है। इसमें फ़ोकस इस बात पर होता है कि लाइट ऑब्जेक्ट की सतह के नीचे कैसा बर्ताव करती है।