मिनिमलिस्ट मूड बोर्ड्स।
मिनिमलिस्ट मूड बोर्ड्स साफ़-सुथरे होते हैं, उनका अंदाज़ नया होता है, और उन्हें काफ़ी सोच-समझकर तैयार किया जाता है। इनमें डिज़ाइन को सीधा-सादा व आसान रखने और खुली जगहें छोड़ने पर ज़ोर दिया जाता है। इनमें डिज़ाइनर्स अक्सर एक तय तादाद में ही कलर पैलेट्स का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही, इमेजेज़ को एक-दूसरे के साथ अच्छे से सेट करके लगाया जाता है, और खामोशी व साफ़-सुथरेपन का एहसास डालने के लिए ढेर सारी जगह खाली छोड़ी जाती है। ये बोर्ड्स ऐसे ब्रैंडिंग, आर्किटेक्चर, या इंटीरियर्स के लिए बेहतरीन होते हैं जिनमें सबसे ज़रूरी ये होता है कि डिज़ाइन्स सटीक हों और उनमें तड़क-भड़क न हो।
मैक्सिमलिस्ट मूड बोर्ड्स।
मैक्सिमलिस्ट मूड बोर्ड्स में तड़क-भड़क होती है और ये डिज़ाइनर के आइडिया को असरदार ढंग से सामने रखते हैं। इनमें टेक्सचर्स, कलर्स, व पैटर्न्स को मिलाकर कई लेयर्स वाले विज़ुअल्स तैयार किए जाते हैं जिनमें अपना एक अलग अंदाज़ होता है और एक शख्सियत होती है। इस तरह का मूड बोर्ड फ़ैशन, एडिटोरियल, या डेकॉर प्रॉजेक्ट्स के लिए अच्छा होता है।
कोलाज-स्टाइल मूड बोर्ड्स।
कोलाज-स्टाइल वाले मूड बोर्ड्स को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें डिजिटल तरीके से नहीं बल्कि हाथ से बनाया गया है। साथ ही, वे दिखने में काफ़ी आर्टिस्टिक लगते हैं। उनमें अक्सर एक के ऊपर एक इमेजेज़, टेक्स्ट, स्वैचेज़, और स्केचेज़ होते हैं। इन एलिमेंट्स के अरेंजमेंट को देखकर ये कहना मुश्किल होता है कि उन्हें किसी ने इस तरह से सोच-समझकर अरेंज किया होगा और वे दिखने में स्क्रेपबुक की तरह लगते हैं। प्रॉजेक्ट्स की शुरुआत में अलग-अलग आइडियाज़ आज़माकर देखने, नए-नए क्रिएटिव आइडियाज़ देने, या एक निगाह में ही अलग-अलग कैटगरीज़ वाले आइडियाज़ को एक साथ दर्शाने के लिए ये बेहतरीन होते हैं।
सरीयल या मेनिफ़ेस्टेशन मूड बोर्ड्स।
ये स्टाइल विशन बोर्ड्स से मेल खाती है। इसमें शामिल किए गए एलिमेंट्स देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें हमारे सपनों से लिया गया हो और वे डिज़ाइनर की उम्मीदों और ख्वाबों को दर्शाते हैं। इन डिजिटल मूड बोर्ड्स में अक्सर ऐसी इमेजेज़ और ऐसे इमैजिन किए गए सीन्स होते हैं जिनके पीछे कोई और मतलब छिपा होता है और ये क्रिएटिव अंदाज़ में दर्शाते हैं कि डिज़ाइनर क्या हासिल करना चाहता है। ये लोगों के मिज़ाज, नज़रिये, या कॉन्सेप्ट-आधारित डिज़ाइन को दर्शाने वाले प्रॉजेक्ट्स के लिए बेहतरीन होते हैं।
Adobe Firefly की मदद से, टेक्स्ट-टू-इमेज प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके इस स्टाइल को आसानी से एक्सप्लोर किया जा सकता है। प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके अपनी ज़रूरत के हिसाब से किस्म-किस्म के विज़ुअल्स बनाए जा सकते हैं। Firefly से मिलने वाले रिज़ल्ट्स कमर्शियल कामों में इस्तेमाल के लिए सेफ़ होते हैं। Firefly को लाइसेंस वाले कॉन्टेंट और पब्लिक डोमेन में मौजूद कॉन्टेंट का इस्तेमाल करके ट्रेन किया जाता है। ये ऐसे क्रिएटिव प्रोफ़ेशनल्स के लिए बेहतरीन होता है जो तमाम नियमों-कानूनों में गए बिना ही बेफ़िक्र होकर क्रिएट करना चाहते हैं। Firefly बनाम Dall-E के बारे में और जानें।